The report claims – more than 60% of the vaccine for the world will be made in India, the price of vaccine made here will also be lower. | भारत में कोरोना की 8 वैक्सीन तैयार की जा रहीं, इनकी कीमतें भी बाकी देशों के मुकाबले कम होंगी

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वॉशिंगटनएक महीने पहले

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पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट में कोवीशील्ड वैक्सीन के डोज सहेजता एक कर्मचारी।- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट में कोवीशील्ड वैक्सीन के डोज सहेजता एक कर्मचारी।- फाइल फोटो

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पूरी दुनिया को वैक्सीन का इंतजार है। इन सभी को आसानी से वैक्सीन मुहैया करना भारत के फार्मा सेक्टर के बिना संभव नहीं होगा। यहां फाइजर और मॉडर्ना जैसी महंगी वैक्सीन तो तैयार नहीं हो रही, लेकिन जल्द से जल्द भारी मात्रा में वैक्सीन के उत्पादन में इसकी भूमिका अहम होगी। इसकी वजह है कि यहां एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन समेत 8 किफायती वैक्सीन तैयार की जा रही हैं। न्यूज एजेंसी रायटर्स ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है।

60% वैक्सीन सिर्फ ज्यादा भारत में तैयार हो रही

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दुनियाभर में बेची जाने वाली वैक्सीन का 60% हिस्सा सिर्फ भारत में तैयार किया जाता है। भारत का फार्मा सेक्टर करीब 2.9 लाख करोड़ रुपए का है। भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया के राजदूत बैरी ओ फैरेल ने बुधवार को भारत में वैक्सीन बना रही कंपनियों का दौरा किया था। इसके बाद उन्होंने भी यही बात दोहराई थी। उन्होंने कहा था कि सिर्फ भारत के पास ही दुनिया की जरूरतों को पूरी करने लायक वैक्सीन तैयार करने की कैपेसिटी है। दुनिया के दूसरे देशों के राजनयिकों ने भी यह बात कही है।

SII ने एस्ट्रेजेनेका वैक्सीन के 5 करोड़ डोज स्टॉक किए

पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) दुनिया की सबसे बड़ा वैक्सीन मैन्युफैक्चरर है। इसने अब तक एस्ट्राजेनेका के 5 करोड़ डोज स्टॉक कर लिए हैं, जबकि इसे अभी ब्रिटेन और भारत में मंजूरी भी नहीं मिली है। फर्म जुलाई तक कोवीशील्ड के 40 करोड़ डोज तैयार करने की तैयारी में है। इसके साथ ही एक साल में 100 करोड़ डोज तैयार करने के लिए यह नई प्रोडक्शन लाइन भी शुरू कर रहा है।

वायल तैयार करने और डिस्ट्रीब्यूशन के काम में भी तेजी

फार्मास्यूटिकल पैकेज करने वाली कंपनी स्कॉट काइशा भी भारत में वैक्सीन वायल का प्रोडक्शन बढ़ा रही है। डेनमार्क की पोस्ट कंपनी डीएचएल ने वैक्सीन को भारत और इसके बाहर पहुंचाने की तैयारियों में जुट गई है। SII के सीईओ अदार पूनावाला के मुताबिक, भारत में बड़े पैमाने पर सस्ती वैक्सीन तैयार होगी। ऐसे में दुनिया का कोई भी दूसरा देश महामारी से लड़ने में भारत जितना काम नहीं कर सकेगा। पुणे में इंस्टीट्यूट के कैंपस में हर घंटे एस्ट्राजेनेका की हजारों डोज तैयार की जा रही हैं। इसके बाद इन्हें लो टेम्परेचर और ऊंची छत वाले कमरों में रखा जा रहा है।

भारत में बन रही 5 प्रमुख वैक्सीन का स्टेटस

वैक्सीन स्थिति कब आएगी/क्या चल रहा कीमत प्रति डोज
मॉडर्ना (अमेरिका) इमरजेंसी यूज की तैयारी, 94.5% तक असरदार इसी महीने आ सकती है 1850-2750 रु
फाइजर (अमेरिका) इमरजेंसी यूज की अनुमति मांगी, 95% तक असरदार इमरजेंसी अप्रूवल मांगा 1450 रु
ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका (ब्रिटेन) UK-ब्राजील में परीक्षणों में 90% तक असरदार इमरजेंसी अप्रूवल मांगा 500-600 रु
कोवैक्सिन (भारत) तीसरा ट्रायल शुरू इमरजेंसी अप्रूवल मांगा
स्पुतनिक V (रूस) दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल जारी दो डोज की खुराक दी जाएगी अभी तय नहीं

(नोट: वैक्सीन के 2 डोज जरूरी होंगे)

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