Career in Fact Checking| Google is giving 6.5 million dollars to fight fake news, no degree required for career in fact checking, learn from internship | फेक न्यूज से लड़ने के लिए गूगल दे रहा 6.5 मिलियन डॉलर्स, फैक्ट चेकिंग में करियर के लिए जरूरी नहीं डिग्री, इंटर्नशिप से सीखें

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एक महीने पहले

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  • 43% फैक्ट चेकर्स ने अपने रिज्यूमे में स्किल्स का जिक्र करते हुए फैक्ट चेक को सबसे महत्वपूर्ण बताया
  • 60 से ज्यादा देशों में फैक्ट चेकिंग आउटलेट की संख्या 237 हो चुकी है, दुनिया का पहला फैक्ट चेकिंग प्लेटफार्म सदी के आरंभ में शुरू हुआ था

कोरोनावायरस के दौर में ऐसी कई न्यूज को फैक्ट चेक में झूठा पाया गया, जिन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में शेयर किया गया। दरअसल, फिर उसके पीछे का सच उजागर करने में असली मेहनत फैक्ट चेकर्स की छुपी है, जो लगातार ऐसे दावों का विश्लेषण कर उनके पीछे का सच आम लोगों तक पहुंचाते हैं। आजकल के डिजिटल वर्ल्ड में जब किसी भी खबर को तेजी से वायरल होने में देर नहीं लगती, तब फैक्ट चेक की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में अगर आप फैक्ट चेकिंग को करिअर फील्ड के तौर पर देख रहे हैं और इसकी गहराई तक जाना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके काम आएगी।

क्वालिफिकेशन की नहीं कोई बाध्यता

फैक्ट चेकर बनने के लिए आमतौर पर किसी विशेष कोर्स या डिग्री की जरूरत नहीं होती, लेकिन फिर एक्सपोर्ट्स मानते हैं कि बैचलर डिग्री होनी जरूरी है। यह डिग्री जर्नलिज्म, कम्युनिकेशन, इंग्लिश या सोशल साइंस में हो तो बेहतर होगा। क्योंकि ग्रेजुएशन में इन सब्जेक्ट्स को पढ़कर स्टूडेंट रिसर्च का अनुभव हासिल कर सकते हैं। साथ ही सफल करिअर बनाने के लिए आपको एक प्रोफेशनल ऑर्गेनाइजेशन ज्वाइन करना होगा। अपनी डिग्री के मुताबिक आप कोई भी प्रोफेशनल कोर्स ज्वाइन कर सकते हैं।

फुल टाइम और फ्रीलांसर के तौर पर हो सकते हैं काम

मैग्जीन्स, लाइब्रेरीज, प्रोडक्शन कंपनी के अलावा पॉलीटिकल ऑफिस और कंज्यूमर बिहेवियर पर नजर रखने वाली एजेंसीज भी फैक्ट चेकर और रिसर्चर्स को हायर करती है। इसके अलावा फैक्ट चेकर के लिए ऑनलाइन कंपनी में भी काम के कई मौके मौजूद है। जहां बड़े पैमाने पर राजनीतिक विज्ञापनों और न्यूज़ रिलीज का फैक्ट चेक किया जाता है। कई कंपनियों ने फैक्ट चैकिंग की जिम्मेदारी कॉपी एडिटर्स या रिसर्च एडिटर्स को दे दी जाती है। वहीं, कुछ कंपनीज में इनके लिए एक पूरी रिसर्च टीम को नियुक्त किया जाता है। इसके अलावा इस फील्ड में फ्रीलांसर के तौर पर भी काम कर सकते हैं।

इंटर्नशिप के जरिए ले सकते हैं अनुभव

नियोक्ता ऐसे कैंडिडेट की तलाश में रहते हैं, जिनके पास फैक्ट चेकिंग का अनुभव हो। इसे हासिल करने का सबसे आसान तरीका है- इंटर्नशिप। एडिटिंग से जुड़ी इंटर्नशिप में आप रिसर्च के साथ ही फैक्ट चेकिंग का अनुभव ले सकेंगे। भविष्य में फैक्ट चेकर बनने के इच्छुक भी पार्ट टाइम और फ्रीलांस वर्क के जरिए अपने रिज्यूमे को मजबूत कर सकते हैं। हालांकि, हेल्थ केयर, हिस्ट्री और लाइब्रेरी साइंस जैसे क्षेत्रों में काम करने के लिए आपको स्पेशलाइज ट्रेनिंग की जरूरत होगी।

ये स्किल्स होंगे मददगार

  • इंटरपर्सनल स्किल्स- किसी भी इंफॉर्मेशन को सत्यापित करने के लिए फैक्ट चेकर को सोर्सेस के साथ लगातार बातचीत करनी होती है, जिसमें यह स्किल सबसे महत्वपूर्ण साबित होती है।
  • मैथमेटिक्स- फैक्ट चेकर को मैथ्स विषय में मजबूत होना चाहिए, ताकि वह जरूरत पड़ने पर नंबर या किसी इक्वेशन को भी चेक कर सके।
  • कंप्यूटर स्किल्स- 24 घंटे की न्यूज़ साइकिल और डेडलाइन के प्रेशर के बीच सही और अप- टू- डेट इंफॉर्मेशन निकालने में इंटरनेट और सर्च स्किल्स की जानकारी महत्वपूर्ण है।

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