Jammu Kashmir DDC Election Results 2020 LIVE Updates | Jammu Kashmir Local Body, Panchayat Polls Result Chunav Parinam News Updates | PAGD को अब तक 110 सीटें; 74 सीटें हासिल कर भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन पूर्व मंत्री हारे


  • Hindi News
  • National
  • Jammu Kashmir DDC Election Results 2020 LIVE Updates | Jammu Kashmir Local Body, Panchayat Polls Result Chunav Parinam News Updates

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

श्रीनगरएक महीने पहलेलेखक: श्रीनगर से जफर इकबाल और जम्मू से दीपक खजूरिया

  • कॉपी लिंक
फोटो जम्मू की है। यहां DDC इलेक्शन में जीत के बाद जश्न मनाते BJP उम्मीदवार सुरेश कुमार। - Dainik Bhaskar

फोटो जम्मू की है। यहां DDC इलेक्शन में जीत के बाद जश्न मनाते BJP उम्मीदवार सुरेश कुमार।

जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद (DDC) चुनाव की 280 सीटों के लिए काउंटिंग जारी है। इनमें पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लरेशन (PAGD) को 110 सीटों पर जीत मिली है। हालांकि इस चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा के खाते में अब तक 74 सीटें आ चुकी हैं। हालांकि, भाजपा के पूर्व मंत्री श्याम लाल चौधरी 11 वोटों से हार गए। वे जम्मू जिले की सुचेतगढ़ सीट से लड़े थे।

भाजपा ने पहली बार कश्मीर में खाता खोला
भाजपा के लिए अच्छी खबर ये है कि 3 सीटों के साथ उसने पहली बार कश्मीर में खाता खोला है। मंगलवार रात 9.30 पर राज्य चुनाव आयोग की ओर से जारी सूचना के मुताबिक 39 इंडिपेंडेंट कैंडिडेट्स ने भी जीत हासिल कर ली थी। गुपकार अलायंस की बात करें तो इसमें सबसे ज्यादा 57 सीटें J&K NC, 26 सीटें PDP, 10 सीटें JKAP, 06 सीटें JKPC, 05 सीटें CPI(M), 03 सीटें JKPM को मिली हैं। इन सभी पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। उधर, महबूबा मुफ्ती की पार्टी PDP के नेता वहीद पारा चुनाव जीत गए हैं। उन्हें कुछ दिनों पहले NIA ने गिरफ्तार किया था। जीत से उत्साहित गुपकार अलायंस ने कहा- यह अनुच्छेद 370 पर रेफरेंडम है।

उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती ने BJP पर निशाना साधा
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने BJP पर निशाना साधा। कहा, जम्मू कश्मीर DDC चुनाव में गुपकार अलायंस की बड़ी जीत है। BJP से हम दोगुना सीट पर आगे है। वहीं, उमर अब्दुल्ला ने कहा कि BJP को जम्मू कश्मीर के लोगों ने अपना जवाब दे दिया है।

280 में 244 सीटों के नतीजे

पार्टी/गठबंधन जीत
गुपकार अलायंस 110
भाजपा 74
कांग्रेस 21
अन्य 39

जम्मू-कश्मीर में 51% वोटिंग हुई

आर्टिकल 370 हटने के बाद यहां पहली बार हुए चुनाव हुए। गुपकार अलायंस के तहत 6 पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। जम्मू-कश्मीर में DDC की 280, वार्ड की 234 और पंच-सरपंच की 12,153 सीटों के लिए 8 फेज में चुनाव हुए थे। इनमें 51% वोटिंग हुई थी। 28 नवंबर को पहले फेज की वोटिंग हुई थी, जबकि 19 दिसंबर को 8वें और आखिरी फेज की वोटिंग हुई थी।

किस फेज में कितने वोट पड़े थे?

पहला फेज : 51.79%
दूसरा फेज: 48.62%
तीसरा फेज: 50.53%
चौथा फेज: 50.08%
पांचवां फेज: 51.20%
छठा फेज: 51.51%
सातवां फेज: 57.22%
आठवां फेज: 51.5%

6 पार्टियों का गुपकार अलायंस
जम्मू-कश्मीर के इतिहास में यह पहली बार है, जब 6 प्रमुख पार्टियों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा। आर्टिकल 370 हटने के बाद इन पार्टियों ने मिलकर गुपकार अलायंस बनाया है। इसमें डॉ. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस, महबूबा मुफ्ती की अगुआई वाली पीडीपी के अलावा सज्जाद गनी लोन की पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट और माकपा की स्थानीय इकाई शामिल है। वहीं, भाजपा और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतारे।

जम्मू-कश्मीर के लोगों की मांग पूरी
जम्मू-कश्मीर के लोगों और नेताओं के लिए यह चुनाव किसी इम्तिहान जैसा रहा। यहां लंबे समय से पंचायती राज को लागू करने की मांग की जा रही थी। अब सरकार का दावा है कि पंचायत, BDC और उसके बाद अब DDC चुनाव होने से थ्री टियर सिस्टम पूरी तरह लागू हो गया है। जम्मू-कश्मीर में कुल 20 जिले हैं। हर जिले में DDC के लिए 14 क्षेत्र बनाए गए थे।

मुख्य और बुनियादी मुद्दे
जम्मू और कश्मीर में हर जिले के बुनियादी मुद्दे भले अलग हों, लेकिन भ्रष्टाचार और बेरोजगारी मुख्य मुद्दे हैं। गावों की सड़कें, पंचायत घर, स्कूल, अस्पताल बिजली, पानी और उसके बाद एग्रीकल्चर में सरकारी स्कीमों का लाभ चुनावी मुद्दा रहे। भाजपा ने इस चुनाव में प्रत्याशी से ज्यादा प्रधानमंत्री के नाम पर वोट बांटा।

PAGD पूरी तरह आर्टिकल 370 का हटना, कश्मीर से स्पेशल स्टेटस का जाना, राज्य का केंद्र शासित प्रदेश बनना जैसे मुद्दों के साथ मैदान में उतरी थी।

विधानसभा चुनाव की तैयारी
DDC के इन चुनावों को भाजपा के लिए जम्मू कश्मीर में लिटमस टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है। अब विधानसभा क्षेत्रों का डी लिमिटेशन होना है। इसके बाद विधानसभा चुनाव होंगे। हालांकि, यह चुनाव पूरी तरह से भाजपा, कांग्रेस, NC या PDP के लिए एक टेस्ट के तौर पर देखा जा रहा है। नतीजों के विश्लेषण से पार्टियां यह जान सकेंगी कि उनकी सियासी जमीन कहां और कितनी है।



Source link

Leave a Reply

%d bloggers like this: