Coronavirus strains show slight changes in Kerala; Health Minister said – this is not like the variant found in UK | कोझिकोड में वायरस के स्ट्रेन में बदलाव दिखा; स्वास्थ्य मंत्री बोलीं- यह UK वैरिएंट जैसा नहीं


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तिरुअनंतपुरमएक महीने पहले

केरल में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यहां देश में सबसे ज्यादा 64 हजार एक्टिव केस हैं।

UK के बाद अब केरल में कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन की मौजूदगी का खतरा सामने आया है। यहां कोझिकोड में हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से कराए गए सर्वे में कोरोनावायरस के स्ट्रेन में बदलाव देखा गया है। अब यह सर्वे पूरे केरल में कराने की तैयारी है।

केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने कहा- वायरस के स्ट्रेन में मामूली बदलाव देखा गया है। हालांकि, यह बदलाव UK में मिले नए स्ट्रेन जैसा नहीं है। उन्होंने बताया कि स्ट्रेन में आए बदलाव पर एक्सपर्ट रिसर्च कर रहे हैं।

UK से आए 8 लोग संक्रमित पाए गए
स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने बताया कि UK से केरल आए लोगों में अब तक 8 यात्री कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। संक्रमित लोगों के सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी पुणे भेजे गए हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं यह म्यूटेटेड स्ट्रेन तो नहीं है।

नए स्ट्रेन रोकने के लिए केरल सरकार के फैसले

  • पिछले 14 दिन में यूरोप के किसी भी देश से आए हर व्यक्ति का टेस्ट कराया जाएगा। हेल्थ डिपार्टमेंट के लोग इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।
  • यूरोप से आने वाले लोगों को कंपलसरी क्वारैंटाइन में रखा जाएगा। इनके संपर्क में आए लोगों की भी जांच होगी।
  • एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स की स्क्रीनिंग के लिए स्पेशल कियोस्क का सेटअप किया गया है।

सबसे ज्यादा एक्टिव केस अब केरल में
केरल में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। यहां देश में सबसे ज्यादा 64 हजार एक्टिव केस हैं। मतलब ऐसे मरीज जिनका इलाज चल रहा है। राज्य में अब तक 7 लाख 32 हजार 85 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 6 लाख 64 हजार 951 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 2931 लोगों की मौत हो चुकी है।

क्या है यूके में मिला कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन?

हर जीवित प्राणी की तरह वायरस में भी बदलाव हो रहे हैं। SARS-CoV-2 यानी कोरोनावायरस जैसे RNA वायरस में प्रोटीन अमीनो एसिड्स के खास सीक्वेंस से बनते हैं। सरल शब्दों में अगर वायरस एक दीवार तो उसमें लगने वाली ईटें अमीनो एसिड्स। कोरोना जैसे वायरस में 30 हजार बेस पेयर होती हैं यानी 30 हजार ईटें। जैसे ही इन बेस पेयर की पोजिशन बदलती है, उस वायरस का आकार और व्यवहार बदल जाता है।

खास तौर पर इंसानों के शरीर को इंफेक्ट करने वाले स्पाइक प्रोटीन का व्यवहार बदल जाता है। ब्रिटेन में जो वैरिएंट मिला, उसे VUI 202012/01 नाम दिया है। अब तक की रिसर्च से पता चला कि यह पहले के मुकाबले 70% अधिक तेजी से फैलता है। गहराई से जांच करने पर पता चला कि 14 बदलाव हुए हैं और पुराने वायरस के मुकाबले जेनेटिक मटेरियल में 3 सिक्वेंस डिलीट भी हुए हैं।

अब तक किस तरह के बदलाव हुए हैं?

कोरोनावायरस में कई तरह के बदलाव हुए हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार है-

N501Y: ब्रिटेन में यह स्ट्रेन मिला है। इसमें अमीनो एसिड को N लिखा गया है। यह कोरोनावायरस के जेनेटिक स्ट्रक्चर में पोजिशन-501 पर था। इसे अब Y ने रिप्लेस कर लिया है।

P681H: नाइजीरिया में मिले इस कोरोनावायरस स्ट्रेन में पोजिशन-681 पर अमीनो एसिड P को H ने रिप्लेस कर दिया है। अमेरिका के CDC के मुताबिक, इस पोजिशन में बदलाव कई बार हो चुका है।

HV 69/70: यह स्ट्रेन कोरोनावायरस में पोजिशन-69 और 70 पर अमीनो एसिड्स के डिलीट होने का नतीजा है। फ्रांस और दक्षिण अफ्रीका में भी वायरस में यह बदलाव दिखा है।

N439K: ब्रिटेन में कोविड-19 जेनोमिक्स कंसोर्टियम (CoG-UK) के रिसर्चर्स ने इस नए वैरिएंट के बारे में बताया था। इसमें पोजिशन-439 पर स्थित अमीनो एसिड N को K ने रिप्लेस किया है।



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