AIADMK BJP Clash in Tamil nadu | AIADMK asks BJP to fall in line or rework its 2021 poll options | AIADMK ने कहा- भाजपा हमें बड़ा भाई माने, वरना 2021 चुनाव के लिए अपने विकल्प तैयार रखे


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चेन्नईएक महीने पहले

अन्नाद्रमुक के टॉप लीडर केपी मनुसैमी ने कहा है कि भाजपा को चीफ मिनिस्टर कैंडिडेट के तौर पर पलानीस्वामी को ही स्वीकार करना होगा। -फाइल फोटो

तमिलनाडु में 2021 विधानसभा चुनाव होने हैं और AIADMK ने अपनी चुनावी रैलियों का आगाज कर दिया है। पहली ही रैली में सहयोगी भाजपा के लिए अन्नाद्रमुक के टॉप लीडर और डिप्टी कोऑर्डिनेटर केपी मनुसैमी ने कुछ चीजें तल्ख भाषा में साफ कर दी हैं। रैली के दौरान मनुसैमी ने कहा कि अगर पार्टी चुनाव जीतती है तो भाजपा को सरकार में किसी भी तरह की भागीदारी नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा को चीफ मिनिस्टर कैंडिडेट के तौर पर के पलानीस्वामी को ही स्वीकार करना होगा। अगर भाजपा ये शर्तें स्वीकार करती है तो ठीक है, वरना वह 2021 विधानसभा चुनाव में अपने विकल्पों पर विचार कर ले। मनुसैमी के इस बयान का स्पष्ट मतलब ये निकाला जा रहा है कि तमिलनाडु में भाजपा को AIADMK को ही बड़े भाई के रोल में स्वीकार करना होगा।

जयललिता-करुणानिधि के निधन से कई पार्टियों की उम्मीदें जागीं- मनुसैमी

मनुसैमी ने रैली में कहा कि जे जयललिता और उनका विरोध करने वाले करुणानिधि के निधन के बाद कई राजनीतिक दल तमिलनाडु में एंट्री और यहां कामयाबी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। ये मौकापरस्त और धोखेबाज अब द्रविड़ों पर आरोप लगा रहे हैं। कह रहे हैं कि 50 साल से ज्यादा के शासनकाल में द्रविड़ों ने तमिलनाडु को बदहाल कर दिया।

इस तरह के आरोप AIADMK सरकार पर भी लगाए गए, जबकि केंद्र ने कई सेक्टर में शानदार परफॉरमेंस के लिए हमारी सरकार को अवॉर्ड दिए। चाहे शिक्षा हो या हेल्थ राज्य के पास अच्छी सुविधाएं और इन्फ्रास्ट्रक्चर है। राजनीतिक फायदे के लिए ऐसे आरोप लगाने वाले लोगों को यह मालूम होना चाहिए कि द्रविड़ विचारधारा तमिलनाडु के सामाजिक और सांस्कृतिक ढांचे की आधारशिला है।

‘द्रविड़ आंदोलन ने 50 साल से ज्यादा समय तक नेशनल पार्टियों को रोका’

मनुसैमी ने कहा कि तमिलनाडु का सामाजिक और राजनीतिक ताना-बाना द्रविड़ आंदोलन से बुना गया है। यह आंदोलन तमिल संस्कृति, भाषा और वीरता पर आधारित है। ऐसे में तमिलनाडु पूरे देश से अलग है। द्रविड़ आंदोलन ने करीब आधी शताब्दी से ज्यादा समय तक नेशनल पार्टियों की राज्य में एंट्री को रोककर रखा। हां, केवल ये आंदोलन DMK और AIADMK में बंट गया।

मनुसैमी ने अपने भाषण से यह जाहिर कर दिया है कि तमिलनाडु में AIADMK के सहयोग के बिना भाजपा अकेले दम पर कुछ नहीं कर सकती है, बल्कि वह अन्नाद्रमुक पर ही निर्भर है। उन्होंने संकेत दिया कि भाजपा को AIADMK को वरिष्ठ सहयोगी के तौर पर स्वीकार करना होगा, वरना विधानसभा चुनाव में अपने विकल्पों पर दोबारा विचार करना होगा।

रजनीकांत की एंट्री से तमिलनाडु की सियासत बदलेगी

दक्षिण के सुपर स्टार रजनीकांत ने राजनीतिक पार्टी बनाने के साथ ही 2021 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान भी किया है। रजनीकांत ने कहा था कि वे पार्टी के बारे में औपचारिक घोषणा 31 दिसंबर को करेंगे। उनके कमल हासन की पार्टी मक्कल नीधि मैयम से गठबंधन की भी खबरें आ रही हैं।

रजनीकांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफी करीब हैं। इस करीबी का असर तमिलनाडु की राजनीति पर दिखाई दे सकता। 2019 के चुनाव में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने यह तक कहा था कि रजनीकांत मोदी के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा होंगे।

2016 चुनाव में विधानसभा की स्थिति

पार्टी सीटें
AIADMK 134
DMK 89
कांग्रेस 8
IUML 1
कुल 232



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