Anti-rape Ordinance Pass in Pakistan to ensure speedy trial, strict punishments. | पाकिस्तान में एंटी रेप ऑर्डिनेंस पास; रेपिस्ट को नपुंसक बनाने की सजा दी जाएगी

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इस्लामाबादएक महीने पहले

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सितंबर में लाहौर के पास गैंगरेप की घटना के बाद पाकिस्तान में विरोध-प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद से सरकार पर सख्त कानून बनाने का दबाव था। - फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

सितंबर में लाहौर के पास गैंगरेप की घटना के बाद पाकिस्तान में विरोध-प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद से सरकार पर सख्त कानून बनाने का दबाव था। – फाइल फोटो

पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी ने मंगलवार को एंटी रेप ऑर्डिनेंस-2020 को मंजूरी दे दी। इसके तहत पूरे देश में ऐसे मामलों की सुनवाई और जांच के लिए सिस्टम बनाया जाएगा। अदालतों को रेप के मामलों का स्पीडी ट्रायल करना होगा। साथ ही सजा के तौर पर रेपिस्ट को नपुंसक बनाने का भी प्रावधान है।

प्रेसिडेंट हाउस की ओर से जारी स्टेटमेंट में कहा गया है कि ऑर्डिनेंस के मुताबिक, पूरे देश में स्पेशल कोर्ट बनाई जाएंगी, ताकि रेप विक्टिम के मामलों की तेजी से सुनवाई की जा सके। इन अदालतों को चार महीने में सुनवाई पूरी करनी होगी।

बच्चों के सामने महिला से गैंगरेप के बाद देश में गुस्सा

यह ऑर्डिनेंस मोटर-वे गैंगरेप के कुछ महीने बाद लाया गया है। सितंबर में कुछ लोगों ने बच्चों के साथ जा रही एक विदेशी महिला से कथित तौर पर गैंगरेप किया था। उनकी कार हाइवे पर खराब हो गई थी।इस घटना के बाद पूरे पाकिस्तान में गुस्सा भड़क गया था। इससे सरकार पर रेप के मामलों में सख्त कानून बनाने के लिए दबाव बना।

सिंध के काशमोर जिले में महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ रेप की घटना के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने नवंबर में घोषणा की थी कि सरकार एंटी रेप ऑर्डिनेंस लाएगी।

ऑर्डिनेंस की खास बातें

  • इस अध्यादेश के तहत, एंटी रेप क्राइसिस सेल बनाए जाएंगे। ये घटना के छह घंटे के अंदर विक्टिम की मेडिकल जांच के लिए जिम्मेदार होंगे।
  • नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) के जरिए यौन अपराधियों की देश भर में लिस्ट तैयार की जाएगी।
  • अध्यादेश के तहत, रेप विक्टिम की पहचान उजागर नहीं की जा सकेगी। ऐसा करना दंडनीय अपराध घोषित किया जाएगा।
  • मामलों की जांच में लापरवाही करने वाले पुलिस और सरकारी अधिकारियों को जुर्माना लगाने के साथ तीन साल की जेल होगी।
  • इसके अलावा झूठी जानकारी देने वाले पुलिस और सरकारी अधिकारियों को भी सजा देने का प्रावधान किया गया है।
  • लगातार यौन अपराध करने वालों को नोटिफाइड बोर्ड की सलाह पर केमिकल की मदद से नपुंसक बना दिया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री एक फंड बनाएंगे, इसका इस्तेमाल स्पेशल कोर्ट बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकारें भी इसमें योगदान देंगी।
  • इस काम में गैर-सरकारी संगठनों, आम लोगों के साथ लोकल, नेशनल और इंटरनेशनल एजेंसियों से भी मदद ली जाएगी।

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