Farmers Protest | New Agriculture Law, US Lawmakers, Secretary of State Mike Pompeo, US Lawmakers Write To Mike Pompeo, PM Modi | किसान आंदोलन में दखल के लिए 7 US सांसदों की पोम्पियो को चिट्ठी, भारत बोला- ये अंदरूनी मसला

  • Hindi News
  • International
  • Farmers Protest | New Agriculture Law, US Lawmakers, Secretary Of State Mike Pompeo, US Lawmakers Write To Mike Pompeo, PM Modi

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

वॉशिंगटन/नई दिल्लीएक महीने पहले

भारतीय मूल की प्रमिला जयपाल (बाएं) समेत अमेरिका के सात सांसदों ने विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को लेटर लिखकर भारत में चल रहे किसान आंदोलन के मुद्दे पर भारत सरकार से बात करने की अपील की है।

अमेरिका के सात सांसदों ने विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को चिट्ठी लिखी है। पत्र में पोम्पियो से अपील की गई है कि वे किसान आंदोलन के मुद्दे पर भारत सरकार से बातचीत करें। खत लिखने वालों में भारतीय मूल की सांसद प्रमिला जयपाल भी शामिल हैं। जयपाल के अलावा इस लेटर पर डोनाल्ड नॉरक्रॉस, ब्रेंडन एफ बॉयल, ब्रायन फिट्जपैट्रिक, मैरी गे स्कैनलन, डेबी डिंगेल और डेविड ट्रोन के साइन हैं।

हालांकि भारत विदेशी नेताओं के किसान आंदोलन पर बयानों को खारिज करते हुए इन्हें घरेलू मामलों में दखलंदाजी करार दे चुका है। इससे पहले कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने किसान आंदोलन को समर्थन दिया था।

23 दिसंबर को लिखा गया था लेटर
पोम्पियो को लिखे पत्र में अमेरिकी सांसदों ने कहा कि इस आंदोलन की वजह से कई भारतीय अमेरिकी प्रभावित हो रहे हैं। इसकी वजह यह है कि उनके रिश्तेदार पंजाब या भारत के दूसरे हिस्सों में रहते हैं। इसलिए आप अपने भारतीय समकक्ष (विदेश मंत्री एस जयशंकर) के सामने यह मुद्दा उठाएं। सांसदों ने यह खत 23 दिसंबर को लिखा था।

किसानों के अधिकारों के साथ
सांसदों ने कहा कि संवैधानिक पद पर होते हुए हम भारत सरकार की नेशनल पॉलिसी निर्धारण के अधिकार का सम्मान करते हैं। हम भारत और विदेशों में उन लोगों के अधिकारों को भी स्वीकार करते हैं जो इन दिनों में कृषि कानूनों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि वे इसे अपनी आर्थिक सुरक्षा पर चोट के रूप में देख रहे हैं।

26 नवंबर से आंदोलन कर रहे किसान
नए कृषि कानूनों के खिलाफ देश में किसान संगठन 26 नवंबर के दिल्ली बॉर्डर पर जमे हुए हैं। पंजाब, हरियाणा और देश के अन्य राज्यों के किसानों की मांग है कि सरकार इन कानूनों को वापस ले। किसानों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

कनाडा के PM ने भी दिया था बयान
इससे पहले कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने गुरुनानक जयंती के दिन भारत के प्रदर्शनकारी किसानों का समर्थन करते हुए कहा था कि हालात चिंताजनक हैं। हम हमेशा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के पक्ष में रहे हैं। इस पर विदेश मंत्रालय ने सख्त ऐतराज जताया था। मंत्रालय ने कहा था कि ऐसे बयान हमारे अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी है, ऐसा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। यह जारी रहा तो दोनों देशों के रिश्तों को गंभीर नुकसान हो सकता है।

Leave a Reply

%d bloggers like this: