Imran Khan News Update; Pakistan Prime Minister To His Ministers Over Performance | इमरान खान ने मंत्रियों से कहा- अब परफॉर्मेंस देने का वक्त, 3 महीने तो मुझे काम समझने में लगे

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

इस्लामाबादएक महीने पहले

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी कैबिनेट से कहा है कि वे अब काम और परफॉर्मेंस पर फोकस करें, क्योंकि सरकार के पास अब सिर्फ ढाई साल बचा है। (फाइल)

अगस्त 2018 में सत्ता संभालने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने मंत्रियों से काम का दबाव लेने को कहा है। इमरान ने राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने मंत्रियों की टीम से कहा- अब हमें काम करके दिखाना होगा। सरकार के बाकी बचे करीब ढाई साल के कार्यकाल में हमें परफॉर्मेंस देना होगा।

इमरान का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब 11 विपक्षी दलों का गठबंधन लाहौर में पिछले हफ्ते मेगा रैली कर चुका है और अगले महीने इस्लामाबाद तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहा है। सरकार पर भारी दबाव है।

अब काम का वक्त आया
इमरान ने मंगलवार को इस्लामाबाद में ‘परफॉर्मेंस एग्रीमेंट्स ऑफ द फेडरल गवर्नमेंट फॉर द ईयर 2020-21’ प्रोग्राम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में उनके तमाम मंत्री और सलाहकार मौजूद थे। ‘द डॉन’ की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोग्राम में कई मिनिस्टर्स ने परफॉर्मेंस एग्रीमेंट्स पर दस्तखत किए।

इसके बाद इमरान का भाषण हुआ। उन्होंने कहा- हमारे पास अब सवा दो या ढाई साल का वक्त बचा है। अब वक्त आ गया है जब हम परफॉर्मेंस दें। इसके लिए खुद पर दबाव डालना होगा।

बहाने बनाने का वक्त गया
इमरान ने मंत्रियो को नसीहत भी दी। कहा- अब हम कोई बहाना नहीं बना सकते। ये नहीं कह सकते कि हम सरकार में नए हैं और काम सीख रहे हैं। शुरुआत में यह चल जाता था क्योंकि तब हम सत्ता में पहली बार आए थे। इसलिए, मैं फिर कह रहा है कि अब काम करने का वक्त आ गया है। अब हर मंत्रालय के काम का एनालिसिस होगा। जनता पांच साल बाद यह तय करेगी कि आपने उनकी जिंदगी को कितना बेहतर बनाया। किसी एक मंत्रालय के अच्छे काम से कुछ नहीं होगा। सबको मिलकर चलना होगा।

तैयारी का वक्त नहीं मिला
इमरान ने पाकिस्तान सरकार की तुलना अमेरिका और ब्रिटेन से भी कर दी। पीएम ने कहा- अमेरिका और ब्रिटेन में जब नई सरकार सत्ता संभालती है तो प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति सरकारी विभागों की स्थिति स्पष्ट करते हैं। मुझे इसके लिए वक्त ही नहीं मिला। पहले तीन महीने तो काम समझने में लग गए।

Leave a Reply

%d bloggers like this: