For a year, the dirty water of the central drain is spread on the fertile land of the Safakhana Road, deep anger among farmers | एक वर्ष से साफाखाना रोड की उर्वर जमीन पर फैला है सेंट्रल नाला का गंदा पानी, किसानों में गहराया आक्रोश

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

डुमरांव16 दिन पहले

  • कॉपी लिंक
  • जलजमाव से पांच बीघे जमीन पर नहीं हो पा रही है खेती
  • संक्रामक बीमारियों के फैलने का बना खतरा

डुमरांव में जलनिकासी के लिए दशकों पूर्व सेंट्रल नाला बनाया गया था। लेकिन अब यही सेंट्रल नाला लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। इस सेंट्रल नाला का पानी अब उर्वर खेतों को बर्बाद कर रहा है। जिस कारण पिछले एक साल से साफाखाना रोड की बड़ी आबादी के साथ ही कई एकड़ खेत जलजमाव से घिर गए है।

उर्वर खेतों में नाले का गंदा पानी जमा होने से किसान खेती से वंचित हो रहे है। वही इलाके में महामारी की आशंका भी बढ़ गई है। साफाखाना रोड के संत काॅलोनी के साथ ही नहर के आस पास के इलाके में जलजमाव व सड़ांध से आस पास के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। साफाखाना रोड निवासी श्रीकांत राय, श्रीभगवान राय, शशिकांत राय, छठू गुप्ता, लक्ष्मीकांत तिवारी ​ आदि का कहना है कि उनका पांच बीघा जमीन महादलित बस्ती के पास है जिस पर पिछले एक साल से सेंट्रल नाला का गंदा पानी जमा है। मुहल्लेवासियों का कहना है कि जलनिकासी के लिए कई बार नगर परिषद से गुहार लगाई गई है। लेकिन अबतक नगर परिषद द्वारा जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई है।

जिस कारण मुहल्लेवासियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बता दें कि कुछ साल पहले साफाखाना रोड के महादलित बस्ती में गंदगी के कारण डायरिया फैला था जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हुई थी। लेकिन सबकुछ जानते हुए भी नगर परिषद चुप्पी साध बैठा है। जिस कारण मुहल्लेवासियों का आक्रोश गहराते जा रहा है।​ ​

Leave a Reply

%d bloggers like this: