Patna School of Drama also features Maithili, Magahi and Bhojpuri plays along with Hindi | पटना स्कूल ऑफ ड्रामा में हिन्दी के साथ मैथिली, मगही और भोजपुरी नाटक भी हाें

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

पटना15 दिन पहले

  • कॉपी लिंक
  • पटना नाट‌्य विद्यालय खुलने की याेजना पर रंगकर्मियाें ने खुशी जताते हुए कहा-सपने की जीत है

वरिष्ठ रंगकर्मी जावेद अख्तर ने कहा कि पटना नाट‌्य विद्यालय के खुलने की खबर सुखद है, पर एनएसडी के मूल चेहरे से इसका चेहरा अलग तरीके से गढ़ा जाना चाहिए। यहां हिन्दी नाटकों के अलावा बिहार की मैथिली, मगही और भोजपुरी की लोक संस्कृति को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। जैसे एनएसडी में अंग्रेजी में पढ़ाई और हिन्दी में नाटक होते हैं, ऐसा नहीं हाे ताे एक नई तस्वीर इस स्कूल की दिखेगी।

पटना की जगह बिहार स्कूल ऑफ ड्रामा होना चाहिए
गुंडा, कुच्ची का कानून और हुलहुलिया जैसे नाटकों के निर्देशन के लिए देशभर में चर्चित पटना के वरिष्ठ रंगकर्मी बिजेन्द्र कुमार टांक ने पटना स्कूल ऑफ ड्रामा की परिकल्पना को अपने सार्थक प्रयास से साकार रूप देने के लिए निगम पार्षद व रंगकर्मी इंद्रदीप चंद्रवंशी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जब एक रंगकर्मी राजनीति में दाखिल होता है तो कला-संस्कृति का ऐसा ही सुखद चेहरा आकार लेता है। इसका नाम पटना की जगह बिहार स्कूल ऑफ ड्रामा होना चाहिए ताकि इसकी परिधि और इसका फलक बड़ा हो।

2002 से प्रयास करता रहा, अब सफल हो पाया
पटना स्कूल और ड्रामा की परिकल्पना को अपने संघर्ष से साकार करने वाले निगम पार्षद और रंगकर्मी इंद्रदीप चंद्रवंशी ने बताया कि यह बहुत हर्ष का क्षण है। यह पटना सहित पूरे बिहार के रंगकर्मियों के सपने की जीत है। उन्होंने बताया कि बचपन से रंगकर्म करते हुए सोचता रहा कि यहां एक ड्रामा स्कूल हो। वर्ष 2002 से निगम का चुनाव लड़ता रहा, लोगों के प्यार और रंगकर्मियों के सहयोग और शुभकामना से जीत मिली। वर्ष 2017 से इस सपने को साकार करने में जुटा और आज सफल हुआ।

Leave a Reply

%d bloggers like this: