Students will be able to take joint or dual degrees from Indian and foreign institutions, UGC finalized draft seeking Academic Collaboration between Indian and Foreign Higher Education Institutions to offer Joint, Dual and Twinning Programmes | इंडियन और फॉरेन इंस्टीट्यूट्स से ज्वाइंट या डूअल डिग्री ले सकेंगे स्टूडेंट्स, UGC फाइनल किया रेगुलेशन- 2021 का ड्राफ्ट

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3 मिनट पहले

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कॉलेज में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स अब जल्द भी ज्वाइंट या डूअल डिग्री हासिल कर सकेंगे। इस बारे में यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने एक ड्राफ्ट फाइनल कर किया है। जिसके तहत अब इंडियन और फॉरेन हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स ज्वाइंट, डूअल और ट्विनिंग प्रोग्राम ऑफर कर सकेंगे। हालांकि, फाइनल ड्राफ्ट पर अंतिम फैसला इस पर मिलने वाले रिएक्शन के आधार पर लिया जाएगा। इसके लिए ड्राफ्ट को सार्वजनिक किया गया है।

UGC रेगुलेशन- 2021 ड्राफ्ट के मुताबिक, भारत के हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट डूयल डिग्री देने के लिए समकक्ष विदेशी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स के साथ समझौता कर सकेंगे। हालांकि, यह नियम ऑनलाइन, ओपन और डिस्टेंस लर्गिंन प्रोग्राम में लागू नहीं होंगे।

इन इंस्टीट्यूट के बीच होगा कोलेबोरेशन

UGC के ड्राफ्ट के मुताबिक कोई भी ऐसा इंस्टीट्यूट, जो राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से मान्यता प्राप्त हो और जिसे न्यूनतम 3.01 अंक प्रदान किए गए हैं या जो नेशनल इंस्टीट्यूशन रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) में 100 टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल हैं या जो इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस की श्रेणी में आते हैं, वे टाइम्स हायर एजुकेशन या क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में शामिल शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों से स्वत: ही करार कर सकते हैं।

भारतीय डिग्री के समकक्ष होगी यह डिग्री

अन्य भारतीय और विदेशी संस्थानों जिन्हें अपने- अपने देश की मूल्यांकन एवं प्रत्यायन एजेंसी से मान्यता मिली है, उन्हें समझौता करने के लिए यूजीसी की मंजूरी लेनी होगी। इस कोलेबोरेशन के तहत दी गई डिग्री या डिप्लोमा भारत में दी जाने वाली डिग्री और डिप्लोमा के समकक्ष ही होगी। इसे किसी अथॉरिटी से समकक्ष घोषित कराने की जरूरत नहीं होगी।

ड्राफ्ट में यह भी बताया गया है कि, इस कोलेबोरेशन में फ्रेंचाइजी खोलने की अनुमति नहीं होगी। रेगुलेशन के तहत, विदेशी शिक्षण संस्थानों और भारतीय शिक्षण संस्थानों के बीच प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फ्रेंचाइजी व्यवस्था की अनुमति नहीं होगी।

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