9-year transaction will be investigated in Mewalaal Chaudhary’s second nephew’s account | मेवालाल चौधरी के दूसरे भतीजे के खाते में 9 साल के लेन-देन की होगी जांच

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भागलपुर5 घंटे पहले

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बीएयू नियुक्ति घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री सह पूर्व कुलपति मेवालाल चौधरी के दूसरे भतीजे नीलेश चौधरी (पिता अंबिका चौधरी) के बैंक खाते की जांच होगी। इसके लिए पुलिस ने नीलेश ने बैंक खाते के 9 साल के लेन-देन की जानकारी मांगी है। नीलेश का यूको बैंक भागलपुर में अकाउंट है।

उसमें 2011 से लेकर 2020 तक के लेन-देन का पूरा विवरण देने के लिए जांच अधिकारी डीएसपी मुख्यालय-टू सुनील कुमार ने मैनेजर को पत्र दिया था। लेकिन बैंक ने 14 जून 2017 से लेकर 6 अक्टूबर 2020 तक ही विवरण पुलिस काे दिया है। इस कारण डीएसपी ने पुन: बैंक मैनेजर को पत्र भेजकर 2011 से लेकर 2020 तक का विवरण मांगा है। नियुक्ति घोटाले में नीलेश चौधरी संदेही है और मुंगेर के तारापुर के कमरगामा का रहने वाला है।

नियुक्ति घोटाले में मेवालाल के भतीजे के जरिए पैसों का हुआ था खेल
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ था कि नियुक्ति घोटाले में मेवालाल चौधरी के भतीजे के जरिए पैसों का खेल हुआ था। नीलेश के भाई रमेश चौधरी को पुलिस ने इस मामले में 2 दिसंबर 2017 को गिरफ्तार भी किया था। लेकिन अब तक पुलिस उस पर चार्जशीट नहीं कर पाई है।

पुलिस ने मेवालाल चौधरी, उनके भतीजे रमेश चौधरी और बीएयू के तत्कालीन निदेशक (प्रशासन) मुकेश कुमार बाधवानी पर अभियोजन चलाने के लिए संबंधित विभाग से अभियोजन स्वीकृति मांगी है। बता दें कि आरोपियों पर चार्जशीट फाइल करने और उनपर अभियोजन चलाने के लिए उनके विभाग से स्वीकृति प्राप्त करना जरूरी है। इस केस में मेवालाल चौधरी 4 सितंबर 2017 और मुकेश बाधवानी 13 अप्रैल 2018 को हाईकोर्ट में सरेंडर कर जमानत करा चुके हैं।

यह है मामला
बीएयू में विज्ञापन संख्या-7/11 के तहत सहायक प्राध्यापक सह कनीय वैज्ञानिकों की नियुक्ति हुई थी, जिसमें अनियमितता पाई गई थी। बीएयू के तत्कालीन कुलपति मेवालाल चौधरी पर बहाली में गड़बड़ी का आरोप है। राजभवन की पहल पर पूरे मामले की जांच रिटायर्ड जस्टिस एसएमएम आलम से कराई गई थी। 65 पन्नों की जांच रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में सबौर थाने में केस दर्ज कराया गया था। जस्टिस आलम ने जांच रिपोर्ट में मेवालाल काे नियुक्ति में अनियमितता के लिए दोषी ठहराया था और कार्रवाई की अनुशंसा की थी।

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