Army approved recruitment for 4 posts, to be posted in cities initially | सेना ने 4 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी, शुरुआत में शहरों में तैनाती होगी

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

रियाद13 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
सऊदी अरब सरकार और सेना ने महिलाओं को सेना में भर्ती होने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए गाइडलाइन्स एक यूनिफाइड पोर्टल पर जारी की गई हैं। (फाइल) - Dainik Bhaskar

सऊदी अरब सरकार और सेना ने महिलाओं को सेना में भर्ती होने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए गाइडलाइन्स एक यूनिफाइड पोर्टल पर जारी की गई हैं। (फाइल)

सऊदी अरब में अब महिलाएं भी सेना में भर्ती हो सकेंगी। डिफेंस मिनिस्ट्री ने करीब दो साल चले विचार विमर्श के बाद इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी है। शुरुआत में महिलाओं को चार पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की मंजूरी दी है। यह भी साफ कर दिया गया है कि फिलहाल, सिर्फ शहरों में इनकी तैनाती होगी और अभी इन्हें जंग के मैदान से दूर रखा जाएगा।

अब यूनिफाइड पोर्टल
‘अरब न्यूज’ की एक रिपोर्ट में कहा गया- डिफेंस मिनिस्ट्री ने एक यूनिफाइड एडमिशन पोर्टल रविवार को शुरू कर दिया है। इसमें पहली बार पुरुषों के साथ ही महिलाओं को भी आवेदन की मंजूरी दी गई है। फिलहाल, सैनिक से सार्जेंट के कुल 4 पदों के लिए महिलाएं आवेदन कर सकेंगी। वे रॉयल सऊदी अरेबियन आर्मी, रॉयल सऊदी एयर फोर्स, रॉयल सऊदी नेवी, रॉयल सऊदी स्ट्रैटेजिक मिसाइल फोर्स और रॉयल आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विस के लिए आवेदन कर सकेंगी।

शर्तें भी तय
सेना में महिलाओं की भर्ती के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। आपराधिक रिकॉर्ड या मेडिकली अनफिट महिलाएं आवेदन नहीं कर सकेंगी। इनकी उम्र 21 से 41 साल के बीच होनी चाहिए। लंबाई 155 सेंटीमीटर जरूरी होगी। पहले से किसी सरकारी पद पर तैनात महिलाएं आवेदन नहीं कर सकेंगी। कम से कम हाईस्कूल की डिग्री होनी जरूरी है। विदेशी नागरिकता वाले व्यक्ति से शादी करने वाली महिलाएं भर्ती नहीं की जाएंगी।

प्रिंस सलमान की तारीफ
अरब न्यूज से बातचीत में कई महिलाओं ने प्रिंस सलमान और सेना के इस फैसले की तारीफ की। ऑपरेटिंग सिस्टम स्पेशलिस्ट हलाह अल यानबावी ने कहा- 30 साल से इस मुद्दे पर विचार और बहस चल रही थी। लेकिन, आज प्रिंस सलमान ने तस्वीर बदल दी है। सरकारी नौकरी हो या सेना, अब सभी जगह महिलाएं नौकरी कर सकती हैं।

हलाह ने आगे कहा- मेरे हिसाब से यह बहुत अहम फैसला है। हमारे समाज की सोच बदलने के लिए ऐसे ही कुछ और फैसले जरूरी हैं। आईटी एक्सपर्ट रहमा अल कायरी ने कहा- हमने अपने इतिहास में पहले कभी महिलाओं को जंग के मैदान में भेजने की बात तक नहीं सुनी थी। इस लिहाज से यह बहुत बड़ा और क्रांतिकारी फैसला है।

ये तीन हक महिलाओं को मिल चुके हैं
जून 2018 में महिलाओं को पहली बार कार चलाने की मंजूरी दी गई थी। वे स्टेडियम में फुटबॉल मैच देख सकती हैं और थिएटर भी जा सकती हैं।

Leave a Reply

%d bloggers like this: